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भाजपा सरकार दावा खोखला पुलिस भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक सरकार के मुंह पर करारा तमाचा – तुकाराम चंद्रवंशी

भाजपा सरकार दावा खोखला पुलिस भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक सरकार के मुंह पर करारा तमाचा – तुकाराम चंद्रवंशी

पुलिस भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक गृहमंत्री विजय शर्मा के “खुले चैलेंज” पर करारा तमाचा – तुकाराम चंद्रवंशी

युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्रवंशी ने छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर लगाई गई रोक, राज्य सरकार और गृहमंत्री विजय शर्मा के दावों के मुंह पर करारा तमाचा है।


तुकाराम चंद्रवंशी ने कहा कि गृहमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान खुले तौर पर चुनौती दी थी कि “इस भर्ती प्रक्रिया में कोई एक भी कमी निकाल कर बता दे, मैं दोषियों को दंडित करूँगा।” आज माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भर्ती पर रोक लगाना यह साफ साबित करता है कि इस प्रक्रिया में केवल एक नहीं, बल्कि कई गंभीर विसंगतियाँ मौजूद हैं, जिन्हें सरकार ने जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा विरोधाभास खुद गृहमंत्री के बयानों में है। पूर्व में कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्वयं यह स्वीकार किया था कि बिलासपुर जिले में 129 प्रकरणों में विसंगतियाँ पाई गई हैं और यह भी कहा गया था कि मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है तथा अंतिम आदेश आने तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है।
इसके बावजूद तुकाराम चंद्रवंशी ने सवाल उठाया कि जब सरकार स्वयं सदन में यह स्वीकार कर चुकी थी कि मामला न्यायालय में लंबित है और रोक लागू है, तो किस आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और जॉइनिंग आदेश जारी किए गए? यह न केवल न्यायालय की अवहेलना का विषय है, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है।


युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पर माननीय उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) के उल्लंघन को स्वीकार किया है। भर्ती में पुलिस कर्मियों के बच्चों को विशेष छूट और अतिरिक्त लाभ देकर सामान्य वर्ग सहित अन्य अभ्यर्थियों के साथ सीधा भेदभाव किया गया, जो नियमों और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया दोनों के खिलाफ है।
इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में कई गंभीर विसंगतियाँ सामने आई हैं, जिनमें—
कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन,
अधिक योग्य उम्मीदवारों को बाहर किया जाना,
फिजिकल टेस्ट एवं मेरिट सूची में पारदर्शिता का अभाव,
चयन प्रक्रिया के रिकॉर्ड, डेटा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल
शामिल हैं।
माननीय उच्च न्यायालय ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए नई नियुक्तियों एवं जॉइनिंग प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई है और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यह न्यायालय की स्पष्ट टिप्पणी है कि भर्ती प्रक्रिया न तो निष्पक्ष रही और न ही पूरी तरह विधिसम्मत।
तुकाराम चंद्रवंशी ने कहा कि हाईकोर्ट की रोक ने भाजपा सरकार के उस दावे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है, जिसमें पुलिस भर्ती को पारदर्शी और त्रुटिरहित बताया जा रहा था। युवा कांग्रेस मांग करती है कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो और युवाओं के साथ हुए अन्याय का पूरा हिसाब लिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा कांग्रेस छत्तीसगढ़ के युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन और न्यायालय तक पूरी मजबूती से उठाती रहेगी।

VIKASH SONI

Founder & Editor

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