
R Chhattisgarh कुमार सिंग माठले की रिपोर्ट –बैगा समाज की जमीन पर कथित कब्जे और धान की फसल काटने के आरोप प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया ने दी आंदोलन की चेतावनी।
पंडरिया एसडीएम को सौंपा गया आवेदन, 26.89 एकड़ कृषि भूमि के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

पंडरिया, कबीरधाम (छत्तीसगढ़)। पंडरिया क्षेत्र में बैगा समुदाय की कृषि भूमि पर कथित कब्जे और जमीन हड़पने के प्रयासों को लेकर मामला सामने आया है। आदिम जाति बैगा समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बैगा समुदाय की जमीन, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना समाज की प्राथमिकता है। किसी भी बैगा परिवार की जमीन पर कथित अवैध कब्जे या उसे हड़पने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में बैगा समाज की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पंडरिया को लिखित आवेदन सौंपकर ग्राम पंचायत चियाडांड निवासी कामदार बैगा की कृषि भूमि से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत में लगभग 26.89 एकड़ कृषि भूमि को लेकर विवाद होने तथा संबंधित व्यक्तियों पर खेत में पहुंचकर धान की फसल काटने के आरोप लगाए गए हैं। समाज ने प्रशासन से भूमि संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण कर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
एसडीएम पंडरिया को सौंपा आवेदन, भूमि विवाद की जांच की मांग
बैगा समाज द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार, ग्राम पंचायत चियाडांड निवासी कामदार बैगा की लगभग 26.89 एकड़ कृषि भूमि को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। शिकायतकर्ता पक्ष ने आवेदन में भूमि से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा उक्त कृषि भूमि पर कब्जा करने और खेत में लगी धान की फसल काटने का प्रयास किया जा रहा है।
समाज की ओर से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व प्रशासन से भूमि के स्वामित्व, उपलब्ध दस्तावेजों और मौके की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है। समाज का कहना है कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में सभी पक्षों के दस्तावेजों और तथ्यों की जांच आवश्यक है, ताकि किसी भी परिवार के अधिकारों का हनन न हो और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
23 अक्टूबर को धान की फसल काटने का आरोप
आवेदन में लगाए गए आरोपों के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को मोहन, मुन्ना और जोगी नामक व्यक्तियों द्वारा संबंधित खेत में पहुंचकर धान की फसल काटने की बात कही गई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब इस कार्रवाई का विरोध किया गया, तब गाली-गलौज और धमकी देने जैसी स्थिति उत्पन्न हुई।
शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी और संबंधित लोगों को समझाइश दिए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 24 अक्टूबर 2026 को संबंधित व्यक्ति दोबारा खेत में पहुंचे और धान की फसल काटने का प्रयास किया।
इन घटनाओं को लेकर बैगा समाज ने चिंता जताई है। समाज का कहना है कि यदि किसी कृषि भूमि को लेकर विवाद है, तो उसका समाधान कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। इसलिए समाज ने संबंधित अधिकारियों से सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया ने प्रशासन से की निष्पक्ष जांच की मांग
आदिम जाति बैगा समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया ने कहा कि बैगा समुदाय की जमीन और अधिकारों की रक्षा करना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि कामदार बैगा की कृषि भूमि से जुड़े मामले को गंभीरता से लिया जाए और आवेदन में प्रस्तुत दस्तावेजों तथा शिकायत में उल्लेखित घटनाओं की बारीकी से जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की जमीन उसके जीवनयापन और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में जमीन को लेकर विवाद उत्पन्न होने पर संबंधित अधिकारियों को निष्पक्षता के साथ मामले की जांच करनी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा करने, फसल काटने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने की पुष्टि होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी मांग की कि मामले में अनावश्यक देरी न हो और शिकायतकर्ता परिवार को प्रशासन की ओर से उचित सहायता एवं न्याय मिले।
बैगा समुदाय की जमीन और अधिकारों से समझौता नहीं होगा
ईतवारी राम मछिया ने कहा कि बैगा समाज अपने संवैधानिक अधिकारों और समुदाय के हितों की रक्षा के लिए सजग है। समाज के किसी भी परिवार की जमीन को लेकर यदि इस प्रकार की शिकायत सामने आती है, तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय की जमीन से संबंधित विवादों का निपटारा निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा जमीन पर अवैध कब्जा करने अथवा जमीन हड़पने का प्रयास किए जाने की शिकायत मिलने पर प्रशासन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाज का उद्देश्य किसी के साथ अन्याय करना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करना है। इस मामले में भी समाज प्रशासन से न्यायसंगत कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है।
कार्रवाई नहीं होने पर एकजुट आंदोलन की चेतावनी
बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में बैगा समुदाय के किसी भी व्यक्ति की जमीन पर कब्जा करने या उसे हड़पने का प्रयास किया जाता है, तो समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरा बैगा समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगा।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वर्तमान मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि विवाद का समाधान हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
समाज का कहना है कि किसी भी विवाद को कानून के माध्यम से सुलझाना आवश्यक है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को शिकायत के सभी पहलुओं की जांच कर तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। इससे न केवल शिकायतकर्ता परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी कायम रहेगा।
बैगा समाज के पदाधिकारियों ने उठाई आवाज
कामदार बैगा की कृषि भूमि से संबंधित इस मामले को लेकर एसडीएम पंडरिया को आवेदन सौंपने के दौरान बैगा समाज के प्रमुख और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर बड्ड सड़िया समाज प्रमुख, गौठु बरंगिया प्रदेश सलाहकार, सेमलाल पड़िया जिला उपाध्यक्ष सहित समाज के अन्य पदाधिकारियों ने मामले को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि शिकायत में उल्लेखित भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाए और दोनों पक्षों के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
समाज के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि बैगा समुदाय के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से संबंधित मामले में लिखित आवेदन देकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया है।
प्रशासनिक जांच और न्याय की उम्मीद
फिलहाल इस मामले में बैगा समाज द्वारा प्रशासन को आवेदन सौंपकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में लगभग 26.89 एकड़ कृषि भूमि से संबंधित विवाद, धान की फसल काटने के कथित प्रयास और विरोध करने पर गाली-गलौज एवं धमकी देने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है।
अब इस मामले में राजस्व प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जांच महत्वपूर्ण होगी। भूमि से जुड़े दस्तावेजों, शिकायत में उल्लेखित तथ्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आदिम जाति बैगा समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराएगा और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्रवाई करेगा।
बैगा समाज ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि समुदाय के लोगों की जमीन, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए समाज एकजुट है। समाज ने प्रशासन से शीघ्र जांच, उचित कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।



