
पण्डरिया : लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पण्डरिया में वर्तमान में 11,000 से अधिक अंशधारी सदस्य पंजीकृत हैं, किंतु इनमें से मात्र 7,000 से 8,000 सदस्य ही कारखाना में गन्ना आपूर्ति कर रहे हैं। शेष अंशधारी सदस्यों द्वारा गन्ना आपूर्ति नहीं किए जाने के कारण कारखाना को पेराई हेतु पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे पेराई कार्य समय से पूर्व बंद करना पड़ रहा है।
लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित इस सहकारी शक्कर कारखाना का संचालन उसकी स्थापित क्षमता के अनुरूप नहीं हो पा रहा है, जिससे संस्था को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कारखाना प्रबंधन ने बताया कि जो सदस्य कारखाना में गन्ना विक्रय करते हैं, उन्हें शासन द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ रियायती दर पर शक्कर एवं प्रेसमड (खली) का लाभ भी दिया जाता है।
संस्था की उपविधि क्रमांक 7(2) के अनुसार प्रत्येक अंशधारी सदस्य को अपने द्वारा उत्पादित गन्ने का विक्रय संस्था में करना अनिवार्य है। वहीं उपविधि क्रमांक 9(ब)(5) के तहत यदि कोई सदस्य संस्था के गठन के उद्देश्यों के विरुद्ध कार्य करता है अथवा अपने द्वारा उत्पादित गन्ने का विक्रय संस्था में नहीं करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है।
इन्हीं प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में कराए गए सर्वे के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि जो अंशधारी सदस्य अपने द्वारा उत्पादित गन्ने का विक्रय कारखाना में नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध अंशराशि जब्ती एवं सदस्यता समाप्ति की कार्यवाही की जाएगी।
कारखाना प्रबंधन ने सभी अंशधारी सदस्यों से अपील की है कि वे सहकारी संस्था के हित में अधिक से अधिक मात्रा में गन्ना आपूर्ति कर कारखाना संचालन को सुदृढ़ बनाने में सहयोग करें



