
खेल ही युवाओं को नशे से बचाने का सबसे बड़ा साधन – कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा
स्व. मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस के अवसर पर खेल का हुआ आयोजन।
कवर्धा, 29 अगस्त 2025। भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आज राष्ट्रीय खेल दिवस कवर्धा जिले में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित आउटडोर स्टेडियम कवर्धा में खेलकूद गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी द्वारा स्व. मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया। इसके पश्चात हॉकी खेल का आयोजन प्रारंभ हुआ। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रातः दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें जिले के खिलाड़ियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को कलेक्टर एवं नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा शील्ड एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कलेक्टर एवं नगर पालिका अध्यक्ष ने हॉकी खिलाड़ियों एवं कोच को टी-शर्ट प्रदान की। इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों में उत्साहवर्धन तथा खेल के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अजय कुमार त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर श्री आर.बी. देवांगन, उपसंचालक समाज कल्याण श्रीमती अभिलाषा पंडा, प्रभारी जिला खेल अधिकारी श्री एम.के. गुप्ता सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, शिक्षक एवं खेल प्रेमी नागरिक उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब हॉकी के जादूगर स्वर्गीय मेजर ध्यानचंद की जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल कौशल और अनुशासन से न केवल देश का मान बढ़ाया, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की शक्ति और गौरव का प्रतीक है। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि हम बचपन से सुनते आए हैं कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं से लेकर विभिन्न आयु वर्ग के लोग नशे की लत की ओर बढ़ते जा रहे हैं, जो अत्यंत हानिकारक स्थिति है और यह बहुत तीव्र गति से फैल रही है। उन्होंने कहा कि इस बुराई से बचाने का सबसे बड़ा साधन केवल और केवल खेल है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सही मायनों में खेलों से जुड़ा रहता है, वह कभी भी नशे की ओर प्रवृत्त नहीं होता। खेलों से मानसिक संतुलन मजबूत होता है, सकारात्मक सोच का विकास होता है और जीवन में ऊर्जा का संचार बना रहता है। उन्होंने कहा कि खेल से जुड़ा हुआ व्यक्ति कभी भी डिप्रेशन का शिकार नहीं होता, क्योंकि खेल जीवन में अनुशासन, धैर्य और संतुलन की शिक्षा देता है। कलेक्टर ने युवाओं से आग्रह किया कि जीवन में चाहे जो भी खेल आपको अच्छा लगे, उसे अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाइए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेलकूद के लिए अवश्य निकालना चाहिए। यह समय केवल आपके स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए होता है और यही समय जीवन में आपको संतुलित और खुशहाल बनाए रखता है। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि खेल केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज को नशामुक्त बनाने और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का सबसे सशक्त माध्यम है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने उद्बोधन की शुरुआत भारत माता की जय और छत्तीसगढ़ महतारी की जय के जयकारे के साथ की। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का है, क्योंकि आज हम हॉकी के जादूगर स्वर्गीय मेजर ध्यानचंद की जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपना संपूर्ण जीवन केवल और केवल हॉकी खेल को समर्पित कर दिया और अपने खेल कौशल से भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक शैली है। खेल हमें अनुशासन सिखाता है, टीम भावना का विकास करता है और कठिन परिश्रम के महत्व को समझाता है। उन्होंने कहा कि यदि हम खेलों से जुड़े रहेंगे तो हमारी जीवनशैली अनुशासित और संतुलित बनी रहेगी। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भाग लेना भी उतना ही आवश्यक है। खेलों से न केवल हमारे शरीर को मजबूती मिलती है, बल्कि हमारा मस्तिष्क भी स्वस्थ और सक्रिय रहता है। जब शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ होते हैं तो हम किसी भी क्षेत्र में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होते हैं। नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रवंशी ने कहा कि खेल हमें सिखाता है कि सफलता केवल व्यक्तिगत प्रयास से नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास से मिलती है। खेलों से हम एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और लक्ष्य प्राप्ति के लिए एकजुट होकर प्रयास करना सीखते हैं। उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और नागरिकों से आह्वान किया कि खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि खेल से ही सशक्त शरीर, स्वस्थ मस्तिष्क और अनुशासित समाज का निर्माण संभव है। यही मेजर ध्यानचंद जी को सच्ची श्रद्धांजलि और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा होगी।
प्रभारी खेल अधिकारी श्री एमके गुप्ता ने बताया कि कि 29 अगस्त से 31 अगस्त तक सभी कैटेगेरी के लिए रस्साकस्सी, 50 मीटर बोरी दौड़, योग क्रिकेट, स्थानीय खेल यथा पिट्ठूल, कब्बडी, खो-खो, व्हॉलीबॉल, रस्सीकूद खेल शामिल है। इसी तरह वरिष्ठ नागरिकों के लिए 300 मीटर तेज चाल, 01 किलोमीटर पैदल चाल, योग, श्वास व्यायाम, सामान्य व्यायाम, शतरंज सहित अन्य खेलों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रथम एवं द्धितीय खिलाड़ियों को पुरूस्कार वितरण किया जाएगा। उन्होंने जिले के खेल संघ के पदाधिकारीगण, खिलाड़ियों तथा जिला मुख्यालय के समस्त स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय खेल दिवस में सम्मिलित होकर आयोजन को सफल बनाने आग्रह किया है।