कबीरधामछत्तीसगढ़

पंडारिया :- शेयरधारी किसानो ने ढोकी ताल अंशधारी,आम किसानो तथा मजदूरों ने कारखाना प्रबंधन व भारतीय किसान संघ के खिलाफ खोला मोर्चा

पंडारिया :- शेयरधारी किसानो ने ढोकी ताल अंशधारी,आम किसानो तथा मजदूरों ने कारखाना प्रबंधन व भारतीय किसान संघ के खिलाफ खोला मोर्चा

बहुत बड़ी संख्या में पहुंचे शेयरधारी क्षेतरी किसान – किसानो के नाम पर राजनीति कर रहे लोगो को दिया जवाब

धरना प्रदर्शन व रैली निकालकर 18 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

मांगों पर कार्यवाही नहीं होने पर दी उग्र आंदालेन की चेतावनी – किसान

पंडरिया:- जिले के पंडरिया विकासखण्ड में संचालित लोह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटले सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना के अंशधारी गन्ना उत्पादक किसानो, आम किसानो और श्रमिक कल्याण संघ के मजदूरों ने अब कारखाना प्रबंध के साथ ही भारतीय किसान संघ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को पंडरिया शक्कर कारखाना के अंशधारी किसानो तथा श्रमिक कल्याण संघ के मजदूरों ने जनसेवक आनंद सिंह के नेतृत्व में अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है और चेतावनी दी है कि अगर इन मांगों का निराकरण जल्द से जल्द नहीं किया गया तो वे उग्र से उग्र आंदोलन करने बाध्य होंगे। गौरतलब है कि हाल ही में कारखाना प्रबंधन द्वारा पंडरिया कारखाना में क्षेत्र के किसान परविारों के कार्यरत करीब 90 श्रमिकों को बेवजह काम से निकालकर उनके तथा उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। कारखाना प्रबंधन की इस तानाशाही कार्यवाही के विरोध में प्रभावित मजदूर अपनी रोजी-रोटी वापस पाने लगातार धरना प्रदर्शन और कारखाना घेराव कर रहे हैं। यहां बताना लाजमी होगा कि इसी बीच भारतीय किसान संघ ने भी बीते दिनों पंडरिया शक्कर कारखाना के सामने परसवारा चौक में धरना प्रदर्शन कर इन निकाले गए किसान परिवारों के मजदूरों पर कई आरोप लगाते हुए इनके खिलाफ अपराध बंजीबद्ध किए जाने की मांग प्रशासन से की है। बताया जाता है कि इसी घटनाक्रम के बाद से पंडरिया शक्कर कारखाना के अंशधारी गन्ना उत्पादक किसान, आम किसान व श्रमिक कल्याण संघ के मजदूरों ने भारतीय किसान संघ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को शेयरधारी गन्ना उत्पादक किसानो, आम किसानो तथा श्रमिक कल्याण संघ के मजदूरों ने बड़ी संख्या में कारखाना के सामने परसवारा चौक में धरना प्रदर्शन, आमसभा कर तथा रैली निकालकर प्रशासन को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्य रूप से पूर्व वर्ष के गन्ने का पूर्ण भुगतान, बोनस राशि तथा, किवरी राशि का भुगतान किसानो को किए जाने, अमानक पोटाश खाद बिक्री कर किसानो से ठगी करने वाले दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही किए जाने एवं किसानो को खाद बिक्री राशि ब्याज सहित वापस लौटाने, पंडरिया शक्कर कारखाना की कमेटी में शेयरधारी किसानो को शामिल करने तथा उनसे रायशुमारी कर कारखाना संचालन किए जाने, कारखाना में किसान संघ, मजदूर संघ अथवा राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों को टेण्डर, ठेका अथवा कारखाने के मुख्य विभागों से हटाए जाने तथा संगठनो व राजनीतिक हस्तक्षेप पूर्णत: समाप्त किए जाने, घर बैठकर कारखाना से वेतन पाने वाले सभी कर्मचारियों को चिन्हांकित कर उन्हें हटाए जाने, पंडरिया कारखाना में मेन पावर सप्लाई करने वाली मेसर्स कैसटेक कम्पनी एवं मेसर्स ओम इंटरप्राईजेस द्वारा कारखाना के अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर मेन पावर सप्लाई के नाम कर हर माह किए जा रहे लाखों के घोटाले पर अंकुश लगाते हुए कार्यवाही किए जाने, कारखाना के स्थापना वर्ष से लेकर अब तक की गई सामग्री खरीदी बिक्री का विधिवत ऑडिट कराए जाने तथा सामग्री खरीदी बिक्री के नाम भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही किए जाने, भारतीय किसान संघ द्वारा कारखाना में विगत 6-7 वर्षो से कार्य करते आ रहे किसान परिवारों के श्रमिकों पर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने तथा निकाले गए सभी श्रमिकों का वापस लिए जाने, पंडरिया शक्कर कारखाना में वर्षो से एक ही पद में जमे अधिकारियों को तत्काल बदले जाने, किसानो को 100 रूपए प्रति क्विंटल के अनुसार गन्ना बोनस भुगतान किए जाने, गन्ना पर्ची में हो रही अनिमियता दूर किए जाने एवं छोटे किसानों को पूर्ण रूप से गन्ना पर्ची पहले प्रदान किए जाने, कारखाना प्रबंधन द्वारा श्रमिकों मजदूरों से जुड़े कोई भी नियम, कानून अथवा व्यवस्था बनाए जाने की स्थिति में सभी श्रमिक, मजदूर संघ की एक साथ बैठक लेकर तथा एकरूकता के साथ निर्णय लिए जाने सहित कुल 18 सूत्रीय मांगे शामिल हैं।

भारतीय किसान संघ का आरोप बेबुनियाद व निराधार

पंडरिया शक्कर कारखाना के अंशधारी किसानो, आम किसानो व श्रमिक कल्याण संघ के मजदूरों ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया है कि भारतीय किसान संघ के पदाधिकारीयों द्वारा पीड़ित श्रमिक मजदूरों पर जो आरोप लगाया गया है वह पूरी तरह से बेबुनियाद तथा निराधार है। उन्होने बताया कि श्रमिकों के आन्दोलन के समय पंडरिया शक्कर कारखाना के सभी कर्मचारी, अधिकारी अपने तय समय पर कारखाने से बाहर निकल चुके थे, जिन्हें नहीं रोका गया रही बात एमडी की तो उन्होने स्वयं श्रमिकों को एक दिन पूर्व तहसीलदार, एसडीओपी व अन्य अधिकारीयों के समक्ष अश्वस्त किया था कि वे अगले दिन कारखाना आकर मिले एवं उनकी पंचींग कर काम में वापस लिया जायेगा। इस आश्वासन के बाद एमडी के बुलावे पर श्रमिक कल्याण संघ अपने सदस्यों एवं संरक्षकों, पदाधिकारीयों के साथ एमडी ऑफिस पहुंचे थे परंतु एमडी द्वारा घण्टों श्रमिकों के प्रतिनिधि मण्डल से बात नहीं की गई और अन्य अधिकारियों द्वारा श्रमिकों को गोलमोल बात कर घुमाते। एमडी द्वारा अपने आश्वासन पर अमल नहीं किए जिसके चलते सभी श्रमिक शांति रूप से खुले गेट, खुले दरवाजे व खुले एमडी. ऑफिस के सामने पंण्डरिया के प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के उपस्थिति में वहीं रूके हुए थे ताकि उन्हें उनका जवाब मिल सके। ऐसे में भारतीय किसान संघ का ये आरोप की एमडी को बंधक बनाया गया पूरी तरह से बेबुनियाद व निराधार है। बावजूद अगर श्रमिकों के संरक्षक, पदाधिकारी एवं सदस्यों के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है तो हम चक्काजाम, कारखाना घेराव, थाना घेराव व कलेक्टर घेराव करने बाध्य होंगे जिसकी सूचना इसी बिंदु पर आपको प्रेषित है।

धरना प्रदर्शन के बाद निकाली गई रैली, चक्काजाम किया स्थगित

बुधवार को लोह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटले सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना पंडरिया के अंशधारी गन्ना उत्पादक किसानो, आम किसानो और श्रमिक कल्याण संघ के मजदूरों ने कारखाना के सामने एक विशाल आम सभा का आयोजन किया। तत्पश्चात वे रैली की सक्ल में कारखाना पहुंचे और जहां उन्होने कलेक्टर के नाम अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानो ने जनहित और जनसमस्याओं को ध्यान में रखते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रस्तावित चक्काजाम को स्थगित कर दिया और शांतिपूर्ण ढंग से आमसभा के बाद ज्ञापन सौंपने की कार्यवाही की।

अनुविभागीय अधिकारी के आश्वासन में सीधा कहा गया कि गन्ने काबकाया भुगतान एक माह के अंदर कर दिया जाएगा और श्रमिकों को न्याय दिया जाएगा ।

VIKASH SONI

Founder & Editor

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