
भारतीय किसान संघ ने खाद कालाबाजारी, बिजली समस्या और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में वृद्धि की मांग को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
कुकदूर/ भारतीय किसान संघ तहसील कुकदूर द्वारा किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर तहसीलदार कुकदूर के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने क्षेत्र के किसानों को हो रही परेशानियों का उल्लेख करते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।


भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष विनीत जैन के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय में खरीफ एवं आगामी कृषि कार्यों की तैयारियों के बीच किसानों को खाद की उपलब्धता, बिजली व्यवस्था तथा आर्थिक सहायता से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा प्रभाव कृषि उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की उठाई गई है। संघ ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर किसानों को निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है तथा कुछ व्यापारी कृत्रिम कमी पैदा कर अधिक कीमतों पर खाद बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से मांग की है कि खाद की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा सभी समितियों और विक्रय केंद्रों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
दूसरी प्रमुख मांग बिजली व्यवस्था को लेकर रखी गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही जर्जर एवं झुकी हुई बिजली तारें किसानों और ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई हैं। कई स्थानों पर दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। संघ ने मांग की है कि ऐसे सभी स्थानों का सर्वे कर तत्काल सुधार कार्य कराया जाए तथा किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
भारतीय किसान संघ ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का स्वागत करते हुए इसकी राशि बढ़ाने की भी मांग की है। संघ का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, दवाइयों, डीजल तथा कृषि उपकरणों के खर्च में वृद्धि होने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। इसलिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि को दोगुना किया जाना चाहिए, जिससे किसानों को राहत मिल सके और कृषि कार्यों में सहयोग प्राप्त हो।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और कृषि उत्पादन में किसी प्रकार की बाधा का असर पूरे समाज और देश पर पड़ता है। ऐसे में किसानों को समय पर खाद, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन किसानों के हित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संघ ने प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर त्वरित कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है।
इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों एवं किसानों ने एक स्वर में कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं बल्कि ठोस कार्यवाही से होना चाहिए। उन्होंने शासन और प्रशासन से किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।



