
विकासखण्ड स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी 2026 का भव्य आयोजन।
“भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 : संभावनाएँ और चुनौतियाँ” विषय पर विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए विचार
विकासखण्ड स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी 2026 का आयोजन पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला में उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्राचार्य विजय खरे के मार्गदर्शन में तथा विज्ञान प्रभारी रवि कुमार वर्मा के संयोजन में किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय “भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 : संभावनाएँ और चुनौतियाँ” रहा, जिसमें विकासखण्ड के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए ऊर्जा के वर्तमान परिदृश्य, भविष्य की आवश्यकताओं, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों तथा वर्ष 2047 तक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की संभावनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत, जैव ऊर्जा तथा अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा संरक्षण को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। प्रतिभागियों ने अपने वक्तव्यों के माध्यम से यह संदेश दिया कि भारत के विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में स्वच्छ, सस्ती, सतत एवं नवीकरणीय ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विद्यार्थियों ने ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, बढ़ती ऊर्जा मांग, तकनीकी विकास और ऊर्जा सुरक्षा जैसी चुनौतियों पर भी प्रभावशाली ढंग से अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में श
शेखर राजपूत, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बोड़ला, घनश्यामा वर्मा, व्याख्याता तथा ललिता तारा अनंत सहित अन्य निर्णायकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागी विद्यार्थियों के विषय-ज्ञान, प्रस्तुतीकरण, तर्क क्षमता, भाषा एवं विषय की समझ के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। परिणामस्वरूप देव महोबिया ने प्रथम स्थान, चितरेखा मानिकपुरी ने द्वितीय स्थान तथा आयुष सोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को उपस्थित अतिथियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।
इस अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी चंद्राकर, विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय खरे, कार्यक्रम प्रभारी एवं विज्ञान प्रभारी रवि कुमार वर्मा तथा अश्वनी कुमार कोसरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस विकासखण्ड स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुसुमघटा; शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिंघारी तथा पीएम श्री सेजेस, बोड़ला के विद्यार्थियों ने सहभागिता की और अपनी वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता एवं प्रभावशाली प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं रचनात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। संगोष्ठी ने विद्यार्थियों को न केवल अपने विचार व्यक्त करने का मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें देश की ऊर्जा आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर भी दिया।
समापन अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय खरे एवं विज्ञान प्रभारी श्री रवि कुमार वर्मा ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, निर्णायकों, शिक्षकों एवं सहयोगी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी विज्ञान, नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस प्रकार विकासखण्ड स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी 2026 विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ “विकसित भारत 2047” के लिए ऊर्जा के क्षेत्र में जागरूक, जिम्मेदार और वैज्ञानिक सोच रखने वाली युवा पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।



