
राखी के त्योहार में भी तरसे स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में कार्यरत संविदा कर्मचारी – संजय सोनी
विगत 04 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक स्थिति खराब, सुध लेने को न नेता तैयार न अधिकारी – करें तो क्या करें संविदा कर्मचारी
कबीरधाम / रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य को ODF बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के संविदा कर्मचारियों के सामने आज भुखमरी की स्थिति निर्मित हो गई है। पूरे प्रदेश के 33 जिलों में कार्यरत जिला समन्वयक, ब्लॉक समन्वयक, संकुल समन्वयक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-03 सहित सैकड़ों कर्मचारियों को विगत 04 माह से वेतन नहीं मिला है।
कर्मचारियों ने बताया कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार में भी उनके घरों में मायूसी छाई रही। बहनों को राखी का नेग तक नहीं दे पाए, बच्चों की स्कूल फीस और घर का राशन तक उधारी में चल रहा है।
इस संबंध में अधिकारियों से संपर्क करने पर बताया जा रहा है कि अब वेतन का भुगतान 16वें वित्त आयोग के फंड से किया जाएगा। जिसका अभी प्रपोजल बनेगा, फिर अप्रूवल होगा, फिर राशि आएगी। इस प्रक्रिया में और 03 माह लगेंगे, यानी कुल 07 माह बाद वेतन मिलेगा।
सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ, छत्तीसगढ़ ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। संघ का कहना है कि 07 माह तक बिना वेतन के कोई परिवार कैसे चलेगा? जब हमारी सुध लेने के लिए न कोई नेता तैयार है, न अधिकारी, तो हम जाएं तो कहां जाएं?
संघ ने प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री से मांग की है कि 16वें वित्त आयोग की लंबी प्रक्रिया के स्थान पर स्वच्छ भारत मिशन के अवशेष फंड या अन्य वैकल्पिक मद से तत्काल 04 माह के लंबित वेतन का भुगतान किया जाए।
यदि शीघ्र वेतन भुगतान नहीं हुआ तो प्रदेश के समस्त SBM-G संविदा कर्मचारी कलमबंद हड़ताल करने को बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ जिला इकाई – कबीरधाम,




