
कवर्धा: -जवाहर नवोदय विद्यालय उड़ियाकला में अव्यवस्थाओं को लेकर पालकों ने उठाई आवाज।
शिक्षकों की कमी, स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति, चिकित्सा सुविधा और भोजन व्यवस्था सुधारने की मांग।
कवर्धा । जवाहर नवोदय विद्यालय, उड़ियाकला में शिक्षकों की कमी, स्थायी प्राचार्य का अभाव, चिकित्सा सुविधा की बदहाली सहित विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों के पालकों एवं अभिभावकों ने जिला कलेक्टर एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पालकों का कहना है कि आवासीय विद्यालय होने के बावजूद विद्यालय में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बच्चों के अस्वस्थ होने पर समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण कई बार पालकों को उन्हें घर ले जाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। पालकों ने विद्यालय में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, स्थायी मेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाइयों तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं, मेस में भोजन की गुणवत्ता और परिसर एवं छात्रावासों की साफ-सफाई को लेकर भी पालकों ने चिंता जताई है। उनका आरोप है कि गुणवत्ताहीन भोजन और स्वच्छता की कमी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पालकों ने मेस की नियमित जांच कर पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन सुनिश्चित करने की मांग की है।
पालकों ने विद्यालय में मुख्य विषयों के शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा लंबे समय से स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति किए जाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
इसके अलावा बच्चों से मिलने आने वाले पालकों, विशेषकर महिलाओं के लिए उचित प्रतीक्षालय एवं स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था, विद्यालय परिसर की नियमित सफाई तथा विद्यालय तक पहुंच मार्ग की खराब स्थिति को सुधारने की मांग भी की गई है।
पालकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय की सभी समस्याओं का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा संबंधित नवोदय विद्यालय समिति एवं अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
पालकों का कहना है कि जवाहर नवोदय विद्यालय में दूर-दराज के क्षेत्रों से विद्यार्थी रहकर शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में उनकी स्वास्थ्य, सुरक्षा और शैक्षणिक सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
पालक एवं अभिभावक संघ ने जिला प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है।




