
पंडरिया। नगर पंडरिया में दशहरा पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वर्षों से चली आ रही पुरानी परंपराओं का निर्वहन करते हुए परंपरागत रूप से रावण दहन का आयोजन किया गया। वहीं, माता महामाया की पवित्र ज्योत विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। माता महामाया की ज्योत के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माता के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।

परंपरागत रावण दहन के साथ मनाया गया दशहरा।

दशहरा पर्व को लेकर पंडरिया नगर में विशेष उत्साह देखने को मिला। बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक इस पर्व पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रावण दहन पंडरिया राजा द्वारा किया गया। इस आयोजन को देखने के लिए नगरवासियों सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रावण दहन के साथ भगवान श्रीराम के आदर्शों और सत्य की विजय का संदेश दिया गया।
दशहरा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हमें सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। पंडरिया में इस पर्व को पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। रावण दहन का आयोजन नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का प्रतीक बना।
माता महामाया की ज्योत विसर्जन में उमड़ी भारी भीड़
दशहरा पर्व के अवसर पर माता महामाया की पवित्र ज्योत विसर्जन का कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। माता की ज्योत के दर्शन करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में भक्त माता महामाया के दर्शन करने पहुंचे और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा शांति की कामना की।

ज्योत विसर्जन के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। माता के जयकारों और श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी माता की ज्योत के दर्शन कर अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट की।
माता महामाया की ज्योत विसर्जन पंडरिया की धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर केवल दर्शन तक सीमित नहीं, बल्कि माता के प्रति विश्वास और भक्ति को प्रकट करने का भी माध्यम है। ज्योत विसर्जन के दौरान उमड़ी भीड़ ने माता महामाया के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का दिखा संगम
पंडरिया में दशहरा पर्व के दौरान रावण दहन और माता महामाया की ज्योत विसर्जन ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। वर्षों से चली आ रही परंपराओं के माध्यम से नगर की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास देखने को मिला।
दशहरा पर्व हमें यह संदेश देता है कि जीवन में हमेशा सत्य और धर्म का साथ देना चाहिए। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारा और एकता बनाए रखना ही इस पर्व की वास्तविक भावना है। ऐसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ आयोजन
पंडरिया में दशहरा पर्व धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। परंपरागत रावण दहन और माता महामाया की ज्योत विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने आयोजन को विशेष बना दिया। माता की ज्योत के दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब ने नगर में धार्मिक आस्था और भक्ति की झलक प्रस्तुत की।
इस प्रकार पंडरिया में दशहरा पर्व परंपरा, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया, वहीं माता महामाया की ज्योत विसर्जन ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था से जोड़ते हुए पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।



