
शिक्षकों की गैर-शिक्षकीय कार्यों में संलग्नता को लेकर उठे सवाल
15 से 85 किलोमीटर तक की दूरी तय कर संभाल रहे छात्रावास-अाश्रम अधीक्षक का दायित्व, दोहरे प्रभार की भी चर्चा
कवर्धा। मिली जानकारी के अनुसार, जिले में कुछ शिक्षकों द्वारा छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षक का दायित्व निभाए जाने की जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षक अपने पदस्थापना स्थल से लगभग 15 से 85 किलोमीटर तक की दूरी तय कर इन दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
वहीं, कुछ अधीक्षकों के पास दो स्थानों का प्रभार होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में शिक्षकों की विद्यालयों में उपलब्धता, नियमित अध्यापन और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में निर्धारित मुख्यालय में नियमित उपस्थिति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। ऐसे में संबंधित विभागों द्वारा संलग्नता, दोहरे प्रभार और मुख्यालय में उपस्थिति की समीक्षा किया जाना आवश्यक है।
शिक्षकों का मूल दायित्व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गैर-शिक्षकीय दायित्वों के कारण विद्यालयों की पढ़ाई प्रभावित तो नहीं हो रही है।
अब संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



