
कबीरधाम में फिर आस्था पर हमला – सरकार सोई असामाजिक तत्व रोज़ खुली छूट:- तुकाराम चंद्रवंशी।
“गृहमंत्री के गृह जिले में धर्म असुरक्षित – हर बार ‘पागल’ पकड़ो और फाइल बंद करो की राजनीति:- तुकाराम चंद्रवंशी ”
“भाजपा राज में देवी-देवता भी सुरक्षित नहीं:- तुकाराम चंद्रवंशी
ग्राम अंधियारखोर, जिला कबीरधाम ग्राम अंधियारखोर में ग्राम देवता ठाकुरदेव महराज की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा फेंक दिया जाना कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से धार्मिक भावनाओं को भड़काने और क्षेत्र की शांति भंग करने की साजिश है। सबसे गंभीर बात यह है कि सूचना मिलने के बाद भी देर रात तक प्रशासन गांव नहीं पहुंचा। क्या आस्था पर हमला अब प्रशासन के लिए प्राथमिकता नहीं रहा? यह घटना कोई पहली बार नहीं है। कबीरधाम जिले में इस प्रकार की दर्जनों घटनाएं पहले भी घटित हो चुकी हैं, लेकिन हर बार सरकार असली गुनहगारों तक पहुंचने के बजाय किसी तथाकथित “मानसिक विक्षिप्त” को पकड़कर खानापूर्ति कर देती है। आखिर कब तक जनता को झूठी कहानियां सुनाकर बहलाया जाएगा? प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्रवंशी मौके पर पहुंचे, पूजा-अर्चना कर खंडित प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सफेद कपड़े से ढंकवाया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार और विशेषकर गृहमंत्री विजय शर्मा के गृह जिले में बार-बार धार्मिक उन्माद फैलना सीधा-सीधा कानून व्यवस्था की विफलता है। यदि सरकार सच में गंभीर होती तो अब तक इन घटनाओं की जड़ तक पहुंचकर असली साजिशकर्ताओं को सलाखों के पीछे डाल चुकी होती। क्या कारण है कि हर बार असली मास्टरमाइंड बच जाते हैं? क्या उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है? कबीरधाम की जनता अब जवाब चाहती है। अगर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आक्रोश व्यापक जनआंदोलन में बदलेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।



