
नई आबकारी नीति जनहित नहीं राजस्व प्राथमिकता की नीति हैं:- तुकाराम चंद्रवंशी
नई शराबनीति भाजपा सरकार की कुशासन प्रमाण है:- तुकाराम चंद्रवंशी
“जनभावना की आस्था पर चोट,नई आबकारी नीति :- तुकाराम चंद्रवंशी
युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्रवंशी ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई आबकारी नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है सुशासन कि दुहाई देने वाली भाजपा सरकार द्वारा नई शराब नीति लागू करना उनकी असलियत बयां कर रहा है यह नीति विकास नहीं, बल्कि जनता की कमर तोड़ने का प्रयास है,भाजपा सरकार ने जिस प्रकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि, होली और मुहर्रम जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर भी शराब दुकानों को खोलने का निर्णय लिया है, वह प्रदेश की जनता की भावनाओं के साथ सीधा खिलवाड़ है।
तुकाराम चंद्रवंशी ने कहा कि जिस दिन पूरा देश गांधी जी के संयम, सत्य और नैतिक मूल्यों को याद करता है, उस दिन शराब बिक्री की अनुमति देना सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है। क्या अब त्योहार और राष्ट्रीय दिवस भी सिर्फ राजस्व कमाने का जरिया बन गए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पहले से ही अवैध शराब की बिक्री चरम पर है। गांव-गांव में नशे का जाल फैल चुका है, युवाओं का भविष्य खतरे में है, परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं — लेकिन सरकार राजस्व लक्ष्य बढ़ाने में व्यस्त है।
“जनता पूछ रही है — क्या विकास का मतलब नशे की खपत बढ़ाना है? क्या सरकार समाज को कमजोर कर खजाना भरना चाहती है? नई नीति का असली लाभ आम जनता को मिलेगा या किसी खास वर्ग को?”
उन्होंने कहा कि यह नीति जनता के हित में नहीं, बल्कि मुनाफे की राजनीति का हिस्सा प्रतीत होती है। छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें, किसान और युवा इस निर्णय से आहत हैं।
तुकाराम चंद्रवंशी ने सरकार से मांग किया राष्ट्रीय तिथियों एवं संवेदनशील त्योहारों पर तत्काल प्रभाव से ड्राई डे पुनः लागू किया जाए।
अवैध शराब नेटवर्क पर कड़ी और पारदर्शी कार्रवाई की जाए।
नई आबकारी नीति की व्यापक समीक्षा कर जनमत के आधार पर निर्णय लिया जाए।
अंत में तुकाराम चंद्रवंशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता अब चुप नहीं रहेगी। जनता की आस्था, संस्कृति और भविष्य से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।



