कबीरधामछत्तीसगढ़

बिना आदेश रिकॉर्ड में हेरफेर! का आरोप राजस्व विभाग के पटवारी पर सीधे आरोप।

बिना आदेश रिकॉर्ड में हेरफेर! का आरोप राजस्व विभाग के पटवारी पर सीधे आरोप

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला अब और तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम छिरहा तहसील कवर्धा के खसरा नंबर 21/4 में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

शिकायत के अनुसार, संबंधित भूमि का रकबा पहले 0.128 दर्ज था, जिसे अचानक बढ़ाकर 0.228 कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि यह बदलाव बिना किसी वैध आदेश के किया गया। जैसे ही मामला उजागर हुआ और विवाद बढ़ने लगा, रिकॉर्ड में दोबारा संशोधन कर रकबा फिर से 0.128 कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने हेरफेर की आशंका को और गहरा कर दिया है जो की जाँच का विषय है।

सम्बंधित पटवारी पर लगा आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पटवारी की संलिप्तता के इस प्रकार का बदलाव संभव ही नहीं है। नियम स्पष्ट हैं कि किसी भी खसरा रिकॉर्ड में परिवर्तन केवल सक्षम अधिकारी के लिखित आदेश से ही किया जा सकता है। लेकिन यहां न तो कोई आदेश सामने आया और न ही संबंधित भूमि स्वामी को इसकी जानकारी दी गई। ऐसे में पटवारी की भूमिका पर सीधे सवाल खड़े हो रहे हैं।
साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इतने बड़े स्तर पर डिजिटल रिकॉर्ड में छेड़छाड़ एक व्यक्ति के लिए संभव है, या फिर इसमें विभागीय मिलीभगत भी शामिल है?

जमीन के खेल में लाखों का दांव

सूत्रों के मुताबिक, रकबे में लगभग 6-7 डिसमिल का अंतर आया, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपए में आंकी जा रही है। इससे यह आशंका और प्रबल हो जाती है कि जमीन के लेन-देन को प्रभावित करने या किसी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह पूरा खेल रचा गया।

जांच और FIR की मांग तेज

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी सहित अन्य जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसी गड़बड़ियों पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले सामने आ सकते हैं। जांच में मामला सही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी तेज हो गई है।

इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता को लेकर लोगों का भरोसा डगमगा दिया है। एस डी एम कवर्धा से इस विषय को लेकर प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने इस विषय पर जाँच कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। इस पूरे प्रकरण को नायब तहसीलदार विकास जैन देख रहे है जिन्होंने बताया की इस मामले में कल ही आवेदन प्राप्त हुआ है। NIC के पास पूरा रिकार्ड रहता है यदि छेड़खानी हुई है तो जाँच में सब आ जायेगा और उचित दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। पटवारी सतीश चंद्राकर ने लगे आरोप को जाँच का विषय बताया और जाँच में सभी चीज सामने आ जायेगा यह बात कही।आम जनता का कहना है कि जब बिना आदेश के रिकॉर्ड में बदलाव संभव है, तो फिर सरकारी अभिलेखों की प्रामाणिकता पर कैसे भरोसा किया जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर जनता का भरोसा बहाल कर पाता है या नहीं।

VIKASH SONI

Founder & Editor

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button