
बैगा पर्यावास अधिकार की अंतिम तैयारी तेज, भंगीटोला में जुटे 110 बसाहटों के 339 प्रतिनिधि
पंडरिया/भंगीटोला। बैगा समुदाय को पर्यावास अधिकार दिलाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। इसी क्रम में पंडरिया विकासखंड के ग्राम भंगीटोला में सोमवार को बैगा पर्यावास अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में विकासखंड की 110 बैगा बसाहटों से 339 बैगा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन का आयोजन बैगाओं के पारंपरिक मुखियाओं और पर्यावास अधिकार की प्रक्रिया में सहयोग कर रही संस्था आदिवासी समता मंच के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में आगामी प्रक्रिया, स्थल सत्यापन और ग्राम सभा को लेकर बैगा प्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारी दी गई।

स्थल सत्यापन के दौरान सभी ग्रामीणों की उपस्थिति पर जोर
बैगाओं के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी मछिया ने बताया कि पंडरिया विकासखंड की सभी बैगा बसाहटों में पर्यावास अधिकार के आवेदन की अंतिम प्रक्रिया के तहत जल्द ही शासन द्वारा स्थल सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने 110 गांवों से पहुंचे बैगा प्रतिनिधियों से अपील की कि स्थल सत्यापन के दौरान अधिक से अधिक बैगा ग्रामीणों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी जरूरी
पारंपरिक मुखिया गौठू बैगा ने बताया कि आने वाले दिनों में सभी बैगा बसाहटों में पर्यावास अधिकार को लेकर ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील करते हुए कहा कि ग्राम सभा का कोरम पूरा करने के लिए कम से कम एक-तिहाई महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नए सदस्यों के नाम जोड़ने की अपील
आदिवासी समता मंच के पंडरिया ब्लॉक समन्वयक हेमंत गढ़ेवाल ने पर्यावास अधिकार के दस्तावेज में दर्ज जनसंख्या संबंधी जानकारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज नहीं है तो उसे अपना नाम जुड़वाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जनसंख्या संबंधी जानकारी करीब एक वर्ष पूर्व तैयार की गई थी। ऐसे में इस अवधि में जन्मे बच्चों तथा विवाह के बाद गांव में आई बहुओं के नाम भी दर्ज किया जाना आवश्यक है, ताकि उन्हें भी पर्यावास अधिकार की प्रक्रिया में अधिकार-धारक के रूप में शामिल किया जा सके।
90 प्रतिशत प्रक्रिया पूरी होने का दावा
आदिवासी समता मंच के कार्यकर्ता अनिल धुर्वे ने बताया कि पारंपरिक मुखियाओं और सहयोगी संस्था आदिवासी समता मंच द्वारा पर्यावास अधिकार आवेदन से जुड़ा करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें 110 बैगा बसाहटों में रहने वाले बैगाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के साथ जैव विविधता, पारंपरिक बौद्धिक संपदा, मान्यताओं सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का संकलन किया गया है।
इसके अलावा ग्राम सभा एवं बैगा वन अधिकार समिति का गठन तथा दो बार ग्राम सभा का आयोजन जैसी प्रक्रियाएं भी पूरी की जा चुकी हैं। अब आगामी स्थल सत्यापन और ग्राम सभा की प्रक्रिया को लेकर बैगा समुदाय में तैयारियां तेज हो गई हैं।
कार्यक्रम में मन्ना बैगा, दशमी बाई, अक्तु बैगा सहित आदिवासी समता मंच के कार्यकर्ता हेमंत मरकाम और अशोक कुमार मरावी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



