कबीरधामछत्तीसगढ़

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पंडरिया विधायक भावना बोहरा जी के नीति नियत पर उठा दिया गंभीर सवाल – आनंद सिंह

विपक्ष तो हमेशा आईना दिखाता रहा पर आज ख़ुद के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पंडरिया विधायक भावना बोहरा जी के नीति नियत पर उठा दिया गंभीर सवाल – आनंद सिंह

पंडरिया :- कारखाने के किसानो का 32 करोड़ का भुगतान और श्रमिको का एक करोड़ से भी ज़्यादा का मजदूरी भुगतान लम्बित

सत्ता पक्ष ने भी कबूला पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नीति नियत – दिखावे

कांग्रेस नेता आनंद सिंह ने साधा निशाना कहा कि पंडरिया के पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी जी का बयान यह स्पष्ट करता है कि किसानों को अब दिखावे और ज़मीनी हकीकत पर अंतर समझना ही होगा! जब सत्ताधारी दल के ही वरिष्ठ नेता सार्वजनिक मंच से भावना बोहरा जी के विधायिकी की नीति नियत पर सवाल उठा रहे हैं,तो यह गंभीर राजनीतिक संदेश है इसका जवाब अब क्षेत्र के किसान आम जनता को मिलना चाहिए

भाजपा के पूर्व विधायक के बयान से भाजपा नेतृत्व पर ही उठे सवाल, किसानों का भुगतान बना बड़ा मुद्दा – आनंद सिंह

कवर्धा। विपक्ष तो विपक्ष अब पंडरिया सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार, अनियमितता, भर्राशाही तथा किसानों व कर्मचारियों की उपेक्षा की आलोचना सत्ताधारी दल भाजपा के वरिष्ठ नेता भी कर रहे। वरिष्ठ भाजपा नेता बगैर नाम लिए इसके लिए सीधे तौर पर पंडरिया विधानसभा के नेतृत्व को दोषी मान रहे हैं और सार्वजनिक मंच से तीखा हमला भी बोल रहे हैं। जिसे सुनकर और देखकर जिले में भाजपा की गुटबाजी भी खुलकर सामने आ रही हैं। उक्त बातें कांग्रेस के युवा नेता और समाज सेवी आनंद सिंह ने जारी बयान में कही। उन्होंने कहा इसकी एक बानगी बीते रविवार को कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में आयोजित शक्कर कारखाना शेयर प्रमाण पत्र वितरण एवं कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम में देखने को मिली। जिसमें पंडरिया के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी का भाषण राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। हजारों किसानों की मौजूदगी में जहां श्री चंद्रवंशी ने भोरमदेव शक्कर कारखाना की जमकर सराहना की। साथ ही उन्होंने बताया कि भोरमदेव कारखाने में किसानों का एक रुपये का भी बकाया नहीं है, और सभी गन्ना उत्पादक किसानों के खातों में समय पर भुगतान कर दिया गया है।
लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पंडरिया क्षेत्र के जनप्रतिनिधित्व व नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नेतृत्व सही होता है, और नीति-नियत साफ होती है, वहां किसानों का भुगतान समय पर होता है। इसके उलट उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हजारों किसानों की रिकवरी की राशि पिछले चार महीने से लंबित है। श्री चंद्रवंशी ने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं कारखाना अधिकारियों से किसानों का भुगतान जल्द कराने की बात की है। सत्ताधारी वरिष्ठ भाजपा नेता के इस बयान पर
कांग्रेस के युवा नेता और समाज सेवी आनंद सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक के इस बयान को पंडरिया विधायक भावना बोहरा पर अप्रत्यक्ष राजनीतिक हमला माना जा रहा है। जिससे भाजपा की गुटबाजी और पड़रिया शक्कर उत्पादक कारखाना में व्याप्त भ्रष्टाचार सतह पर आ गए हैं। श्री सिंह ने कहा कि कार्यक्रम के बाद किसानों और राजनीतिक हलकों में यही चर्चा रही कि आखिर भाजपा के वरिष्ठ नेता ने अपने ही दल के जनप्रतिनिधि की नीति और नियत पर सार्वजनिक मंच से सवाल क्यों उठाए? अब पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी के इस बयान व आरोप पर लोगों को वर्तमान विधायक भावना बोहरा की भी प्रतिक

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