
छात्रों की एकजुटता के आगे झुकी केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों के न्याय की दिशा में पहला कदम – यमन चन्द्रवंशी
कबीरधाम। छात्र हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलनों के बीच कांग्रेस नेता यमन मनीष चन्द्रवंशी ने केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि देशभर के छात्रों और युवाओं की एकजुट आवाज के सामने केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन लाखों छात्रों के संघर्ष का परिणाम है, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई।
यमन मनीष चन्द्रवंशी ने कहा कि बीते वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया। छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखीं, लेकिन उनकी आवाज को लंबे समय तक अनदेखा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया गया, बावजूद इसके युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखा।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम ने देशभर के छात्र आंदोलन को नई ऊर्जा और वैचारिक दिशा प्रदान की। इस अभियान के माध्यम से छात्रों की समस्याओं को सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से उठाया गया, जिससे युवाओं के मुद्दे राष्ट्रीय चर्चा का विषय बने।
यमन मनीष चन्द्रवंशी ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल एक शुरुआत है। छात्रों को वास्तविक न्याय तब मिलेगा, जब परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाएगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं, पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ दोबारा न होने दिया जाए।



