
कुटकीपारा में स्थापित हुई वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा
गांव-गांव तक पहुंचे उनके संघर्ष, साहस और स्वाभिमान की प्रेरणा : राजा खड्ग राज सिंह
कुटकीपारा। ग्राम कुटकीपारा में मंडला गढ़ की वीरांगना रानी दुर्गावती जी की प्रतिमा स्थापना के अवसर पर भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रतिमा स्थापना को लेकर ग्रामीणों और समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आयोजन में शामिल होकर वीरांगना रानी दुर्गावती के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया।

कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई। कलश यात्रा पूरे गांव में निकाली गई, जहां जगह-जगह ग्रामीणों ने आत्मीयता के साथ यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान रानी दुर्गावती जी के शौर्य, साहस, स्वाभिमान और संघर्ष को याद किया गया। पूरे आयोजन में सामाजिक एकता और गौरव की भावना दिखाई दी।
इस अवसर पर राजा खड्ग राज सिंह ने कहा कि ग्राम कुटकीपारा में वीरांगना रानी दुर्गावती जी की प्रतिमा की स्थापना हम सभी के लिए हर्ष, गर्व और सम्मान का विषय है। रानी दुर्गावती जी का जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और संघर्ष की ऐसी मिसाल है, जो आज भी समाज और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती जी का इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके संघर्ष और गौरवगाथा को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उनकी प्रतिमा स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राजा खड्ग राज सिंह ने कहा कि कुटकीपारा में स्थापित यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बने, यही हमारी कोशिश होनी चाहिए। रानी दुर्गावती जी ने जिस साहस और स्वाभिमान के साथ अपने समाज और मातृभूमि के लिए संघर्ष किया, उस गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि कुटकीपारा से शुरू हुआ यह प्रयास आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य गांवों तक भी पहुंचे और समाज के गौरवशाली इतिहास एवं महापुरुषों की गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में राजा खड्ग राज सिंह ने ग्राम कुटकीपारा के समस्त ग्रामवासियों एवं आयोजन में उपस्थित समाज के लोगों का स्नेह, सम्मान और आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया तथा सभी को शुभकामनाएं दीं।


