
कुकदुर वनांचल क्षेत्र के आश्रित ग्राम ऊपका में अक्षय तृतीया पर पारंपरिक बिदरी बोवाई सम्पन्न
कुकदुर वनांचल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम ऊपका में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुसार मां शक्ति महामाया की आराधना करते हुए बीज (बिदरी) बोवाई की गई।
इस पारंपरिक आयोजन में ग्राम के महिला-पुरुष, बुजुर्ग एवं युवा उत्साहपूर्वक शामिल हुए। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर धरती माता एवं मां महामाया से अच्छी फसल, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई। यह परंपरा आदिवासी समुदाय की प्रकृति के प्रति आस्था, कृषि आधारित जीवनशैली और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती है।
ग्रामवासियों ने बताया कि यह आयोजन पीढ़ियों से चला आ रहा है और आज भी पूरे श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर सामूहिक सहभागिता के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया, जिससे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलती है।
अक्षय तृतीया के इस पावन पर्व पर आयोजित बिदरी बोवाई कार्यक्रम क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत उदाहरण है।



