
बोड़ला :- बोड़ला विकासखण्ड के जामपानी में बिना सूचना के शिक्षक गायब प्रधानपाठक भी अनजान मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर भी उठे सवाल।
बोड़ला (कबीरधाम)। विकासखंड बोड़ला के शासकीय प्राथमिक शाला जामपानी में शिक्षा व्यवस्था और मध्याह्न भोजन संचालन को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार विद्यालय के शिक्षक आशुतोष तिवारी बिना किसी पूर्व सूचना अथवा अवकाश आवेदन के विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए।
जानकारी के अनुसार संबंधित शिक्षक को पूर्व में भी लगातार अनुपस्थिति के संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में 01 जुलाई 2026 से नोटिस जारी होने की तिथि तक अनुपस्थित रहने का कारण तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि नोटिस जारी होने के बाद भी 08 जुलाई 2026 को शिक्षक विद्यालय में अनुपस्थित मिले। में यह चर्चा है कि संबंधित शिक्षक पर विभागीय नोटिस का अपेक्षित प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। इस संबंध में शिक्षक का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। संबंधित शिक्षक को फोन किया गया तीन से चार बार लेकिन फोन नहीं उठाया न लगाया गया। शिक्षक के मानसिकता क्या है। ये बच्चों के भविष्य के ऊपर खिलवाड़ है।

जब इस संबंध में विद्यालय के प्रधानपाठक से जानकारी ली गई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें संबंधित शिक्षक के अवकाश की कोई जानकारी नहीं है तथा उनके पास कोई छुट्टी का आवेदन भी प्राप्त नहीं हुआ है। प्रधानपाठक के इस बयान के बाद विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। और समय से पहले प्रधानपाठक स्कूल बंद कर गायब।
वहीं, विद्यालय के मध्याह्न भोजन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं दिखी। पूछताछ के दौरान प्रधानपाठक यह तक नहीं बता सके कि उस दिन मध्याह्न भोजन कहाँ तैयार किया गया है। बाद में आंगनबाड़ी सहायिका ने बताया कि प्राथमिक शाला के बच्चों का मध्याह्न भोजन आंगनबाड़ी केंद्र में बनाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्यालय के प्रधानपाठक को ही शिक्षक की अनुपस्थिति तथा मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की जानकारी नहीं है, तो विद्यालय का संचालन किस प्रकार किया जा रहा है, यह गंभीर जांच का विषय है। ग्रामीणों ने संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने शिक्षक की लगातार अनुपस्थिति, नोटिस के अनुपालन तथा विद्यालय की व्यवस्थाओं की भी जांच कराने की मांग उठाई है।



