कबीरधामखोजी खबरछत्तीसगढ़

विद्यालय छोड़ निजी काम से घर पहुंचे प्रधानपाठक दो घंटे तक शिक्षक विहीन रहा स्कूल बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर उठे गंभीर सवाल।

विद्यालय छोड़ निजी काम से घर पहुंचे प्रधानपाठक दो घंटे तक शिक्षक विहीन रहा स्कूल बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर उठे गंभीर सवाल।


बोड़ला (कबीरधाम) विकास सोनी की रिपोर्ट :-विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम पाखापानी स्थित शासकीय नवीन प्राथमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार विद्यालय के प्रधानपाठक टीकाराम धुर्वे विद्यालय समय के दौरान लगभग दो घंटे तक स्कूल से अनुपस्थित रहे। इस दौरान विद्यालय में कोई अन्य शिक्षक मौजूद नहीं था और मासूम बच्चे बिना निगरानी के विद्यालय परिसर एवं सड़क किनारे घूमते रहे।
विद्यालय के बच्चों ने बताया कि प्रधानपाठक करीब दो घंटे से स्कूल में नहीं थे। बाद में जब प्रधानपाठक टीकाराम धुर्वे से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे किसी निजी कार्य से घर गए थे। लगभग 1 बजे से  उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में एकल शिक्षक होने के कारण कई बार कार्यालयीन कार्यों के लिए भी उन्हें विद्यालय छोड़कर जाना पड़ता है। और कई बार स्कूल भी बंद करना पड़ता है।


ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति की समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि समय-समय पर शिक्षक विद्यालय से गायब रहते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और अभिभावकों में भी नाराज़गी बढ़ रही है।
सबसे चिंताजनक स्थिति मध्यान्ह भोजन के समय देखने को मिली, जब बिना किसी शिक्षक की निगरानी के बच्चे विद्यालय के बाहर सड़क किनारे खेलते दिखाई दिए। सड़क पर लगातार मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों की आवाजाही रहती है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।


मामले की जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी बी.ई.ओ. भानुप्रताप चंद्राकार को दूरभाष के माध्यम से दी गई है। तो चंद्राकार ने कहा कि मै  बार बार नोटिस के माध्यम से शिक्षको को बोला गया है कि कभी भी कोई भी कार्यालीन कार्य रहे तो 4 बजे के बाद ही स्कूल से आयेंगे स्कूल समय में कोई भी निजी या कार्यालिन कार्य न करे अगर ऐसा करते हो तो आपकी स्वयं की लापरवाही जिम्मेदारी होगी ।जिसका पूरे निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करेंगे।  विद्यालय समय में निजी कार्यों के लिए स्कूल छोड़ना न केवल शैक्षणिक दायित्वों की अनदेखी है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ भी गंभीर लापरवाही है।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए क्या कार्रवाई करता है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित हो सके।

VIKASH SONI

Founder & Editor

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