
विश्व हिन्दू परिषद जिला कबीरधाम की जिला बैठक संपन्न कृष्ण जन्माष्टमी पर स्थापना दिवस एवं सेवा कार्यों की बनी रूपरेखा।
कवर्धा। विश्व हिन्दू परिषद, जिला कबीरधाम की जिला बैठक शुक्रवार, 10 जुलाई को शौर्य भवन में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, सेवा गतिविधियों एवं संगठन विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्व हिन्दू परिषद का स्थापना दिवस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कवर्धा की सभी छह बस्तियों में अलग-अलग समितियों के माध्यम से भव्य रूप से मनाया जाएगा।

बैठक के दौरान समाज सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए माँ दंतेश्वरी वार्ड में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं मातृशक्ति के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क महिला सिलाई प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की बहनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कौशल विकास को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया गया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रांत एवं विभाग के पदाधिकारियों ने शौर्य भवन परिसर में पौधरोपण कर हरियाली और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
बैठक के दौरान विनोद चंद्रवंशी (चन्द्रयान हॉस्पिटल) को विश्व हिन्दू परिषद, जिला कबीरधाम का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ देते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का विश्वास व्यक्त किया।
बैठक में प्रांत मंत्री पूर्णेन्द्र सिंह, दुर्ग विभाग संगठन मंत्री कन्हैया कुंदन, प्रांत सेवा टोली प्रमुख मनीष बूचसिया, दुर्ग विभाग सह मंत्री शैलेंद्र सोनी, प्रांत सुरक्षा प्रमुख सौरभ देवांगन, प्रांत सह संयोजिका (दुर्गावाहिनी) भारती सिंह, जिला अध्यक्ष नंदलाल चंद्राकर, जिला मंत्री मनोज सिंह ठाकुर, जिला सह मंत्री विष्णु राजपूत, जिला कोषाध्यक्ष प्रताप चंद्रवंशी, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती रानी लक्ष्मी पाली, जिला उपाध्यक्ष विनोद चंद्रवंशी, जिला संयोजक जितेंद्र वर्मा, जिला सह संयोजक हर्षित चौबे, जिला सह संयोजक दुर्गेश वर्मा, जिला समरसता प्रमुख गोविंद नाथ शिवोपासक, नगर अध्यक्ष दिलीप सोनी, नगर मंत्री सोनू पाली, नगर उपाध्यक्ष संतोष साहू, नगर उपाध्यक्ष विजय तिवारी सहित जिला एवं नगर के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक का समापन संगठन की आगामी गतिविधियों को सफल बनाने, सेवा कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने तथा समाज में संगठन की भूमिका को और अधिक सशक्त करने के संकल्प के साथ हुआ।




