
बोड़ला – विकसित भारत विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन।
विद्यार्थियों ने चित्रों एवं भाषणों के माध्यम से प्रस्तुत किए विकास और राष्ट्र निर्माण के विचार।

पीएम श्री सेजेस बोड़ला, में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विद्यालय स्तर पर ‘विकसित भारत’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए चित्रों एवं भाषणों के माध्यम से भारत के विकास, प्रगति एवं उज्ज्वल भविष्य को लेकर अपनी कल्पनाओं और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य श्री विजय खरे के मार्गदर्शन में व्याख्याता श्री रवि कुमार वर्मा द्वारा, संगठन द्वारा नियुक्त कार्यकर्ता श्री लव कुमार निर्मलकर की उपस्थिति में किया गया। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के विषय की जानकारी देते हुए अपने विचारों को रचनात्मक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में 35 विद्यार्थियों तथा भाषण प्रतियोगिता में 7 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, डिजिटल प्रगति, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को चित्रों के माध्यम से आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।वहीं, भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका, शिक्षा, कौशल विकास, वैज्ञानिक सोच एवं नागरिक जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
दुर्ग संभाग के सहायक संचालक श्री एस. एल. धुरंधर एवं बी.ई.ओ. श्री भानु चंद्राकर ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया तथा उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। संगठन द्वारा नियुक्त कार्यक्रम प्रभारी लव कुमार निर्मलकर ने भी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को देखा और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में श्री नितेश अग्रवाल, श्री विदेशी राम धुर्वे, विजय पाटिल, डॉ. प्रेमकांत मिश्रा, लोकचंद साहू, मोहन कश्यप, राजेश साहू, श्रीमती माया मेरावी, श्री संदीप गुप्ता, श्री अमित वर्मा, मोहन धुर्वे, आशु चंद्रवंशी, छोटू चन्द्रवंशी बरसाती वर्मा, बलदाऊ चंद्रवंशी तथा सोमनाथ धुर्वे सहित सभी पार्षदगण उपस्थित रहे।विद्यालय की ओर से जगमोहन बर्मन, राम सिंह महोबिया, श्रीमती घनश्यामा वर्मा, शविनीता मरकाम सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में निरंतर सहभागिता के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल, देश के विकास के प्रति जागरूकता तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने की भावना विकसित करना रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों को चित्र एवं भाषण के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिससे उनमें आत्मविश्वास एवं सृजनात्मक सोच को बढ़ावा मिला।
प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को ‘विकसित भारत’ की अवधारणा को समझने तथा भारत के भविष्य को लेकर अपनी कल्पनाओं एवं विचारों को सामने रखने का सार्थक मंच प्रदान किया।



