कुई कुकदुर। अमनिया-बांगर मार्ग प्रधानमंत्री सड़क अमनिया के समीप स्थित रपटा बारिश के दिनों में लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। शनिवार को दो गंभीर मरीजों को लेकर बांगर जा रही एंबुलेंस रपटा में बने गड्ढे में फंस गई। एंबुलेंस को बाहर निकालने के लिए ट्रैक्टर की मदद लेनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद वाहन को निकाला जा सका, लेकिन इस घटनाक्रम के कारण मरीजों को उपचार के लिए पहुंचने में अतिरिक्त समय लग गया।बताया जा रहा है कि एंबुलेंस के वापस लौटने के बाद मरीजों को नेऊर-बाहपानी-रुखमींदादर मार्ग से बांगर ले जाने की तैयारी की गई। सामान्य परिस्थितियों में अमनिया से बांगर की दूरी कम समय में तय की जा सकती है, लेकिन रपटा बाधित होने से वैकल्पिक मार्ग से लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसे में गंभीर मरीजों के लिए उपचार तक पहुंचने में होने वाली देरी चिंता का विषय है।
पानी में छिप जाता है गड्ढा,आए दिन हो रहे हादसे
रपटा के बीचों-बीच गड्ढा बना हुआ है और बारिश के दौरान उसके ऊपर तेज बहाव से पानी गुजरता है। पानी के भीतर गड्ढा दिखाई नहीं देने के कारण दोपहिया वाहन चालक अचानक संतुलन खो देते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां आए दिन बाइक सवार गिरते हैं, जबकि भारी वाहन भी गड्ढे में फंस जाते हैं।इस मार्ग से बांगर क्षेत्र के स्कूलों में आने-जाने वाले शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी रोजाना इसी समस्या से जूझ रहे हैं। मार्ग बाधित होने पर करीब 7 किलोमीटर के सफर के बजाय लोगों को दूसरे रास्ते से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
अस्थाई मरम्मत के साथ स्थायी पुलिया की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि रपटा की समस्या कोई नई नहीं है। हर बारिश में यहां आवागमन प्रभावित होता है। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल गड्ढे को भरकर रपटा को सुरक्षित बनाने तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थाई मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। अमनिया-बांगर मार्ग के इस रपटा पर पुलिया निर्माण कराया जाना जरूरी है, ताकि एंबुलेंस, स्कूल वाहन, दोपहिया और अन्य वाहनों का आवागमन बारिश में भी सुचारू रह सके।सवाल यह है कि प्रशासन इस समस्या का समाधान किसी बड़े हादसे के बाद करेगा या उससे पहले?

